पहचान
>> Friday, April 24, 2009
मेरा नाम माहे परवीन है ......
मैं लखनऊ की रहने वाली हूं ......
मेरे लिए यह ब्लाग की दुनिया मेरे लिये बिलकुल नयी है .......
आज पहली बार कुछ लिखने की कोशिश कर रही हूं .......
अपनी पहचान
आज हर आदमी अपनी पहचान को भूलता जा रहा है ?
क्योकि वह केवल अपने आप मे जी रहा है,
और पैसे को पाने की दौड़ मे शामिल है,
मगर जब तक होश आऐगा तब देर हो चुकेगी पर आज क्या ?
आज तो उसको आराम की जिन्दगी मिल रही है
और कल उसके बच्चे को क्या मिलेगा उसे तो पता है
हमने अपने लिए और बच्चो के लिऐ पैसो का समंदर बना लिया
जो हमेशा ही रहेगा पर आदमी ये नही जानता की पहचान को भूलकर कुछ भी
प्राप्त कर लेना जीवन के सत्य का अन्त है ।

